Mann Jaage song lyrics by shahid mallya.


Mann Jaage - Shahid mallya Lyrics

Singer Shahid mallya
Music Raghav Sachar
Song Writer Kumaar

ओ.. ओ.. ओ..

मन जागे सारी रात
मेरा दीवाना
मन माने ना ये बात
के वो था बेगाना
मन जागे सारी रात
मेरा दीवाना
मन माने ना ये बात
के वो था बेगाना

है खुद से ही खफ़ा खफ़ा
क्या चाहिये नहीं पता बावरा

पाया वो ना चाहा
चाहा वो ना पाया
जिसके पीछे भागे
वो साया है रे साया
क्या-क्या रस्ते ढूंढें
क्या-क्या दुःख न पाया
पर साया ठहरा साया
तेरे हाथों में ना आया

कोई सुबह जो मैं उठूँ
मुझे अगर मिले सुकूँ.. बावरा
गिनता रहता तारे, लौटूँ मैं अंगारे
खुद से लड़ता फिरता
ये जग को ठोकर मारे
खींचे-खींचे बैठे, बैठे-बैठे भागे

ना सुनता खुद के आगे
ये पागल हो गया रे

पाया वो ना चाहा
चाहा वो ना पाया
जिसके पीछे भागे
वो साया है रे साया
क्या-क्या रस्ते ढूंढें
क्या-क्या दुःख न पाया
पर साया ठहरा साया
तेरे हाथों में ना आया

है ज़िन्दगी मुहाल क्यूँ
बना लिया ये हाल क्यूँ बता
उलझा-उलझा रहता
ना सुनता ना कुछ कहता
सूनी-सूनी आँखों से
रह-रह पानी बहता
टूटे सारे नाते, हारा मैं समझाते
बिछड़े दिन और साथी
फिर वापस नहीं आते
वापस नहीं आते..
वापस नहीं आते..

ये दर्द क्यूँ ये प्यास क्यूँ
फिरा करे उदास क्यूँ
ये रंग क्यूँ तलाश क्यूँ
बता.. बावरा

ठंडी आहें भर के
जीता है मर-मर के
प्यासा रह गया है
ये दरिया से गुजर के
धोखे से नज़र के
झोंके से उम्र के
रेत के महल सा
ढह गया है बिखर के
ठंडी आहें भर के
जीता है मर-मर के
प्यासा रह गया है
ये दरिया से गुजर के
धोखे से नज़र के
झोंके से उम्र के
रेत के महल सा
ढह गया है बिखर के

आ..
मन जागे.. जागे..
मन जागे..
जागे, जागे, जागे, बाबरा..



टिप्पणियाँ